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जम्मू-कश्मीर में करीब 52 दिनों के तनाव के बाद घाटी के ज्यादातर हिस्सों से कर्फ्यू हटा लिया गया है।
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नई दिल्ली (पीटीआई)।  हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में जाने के बाद भड़की हिंसा के 52 दिनों के बाद पुलवामा और श्रीनगर के नौहट्टा और महाराजगंज इलाके को छोड़कर दूसरे इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। पुलवामा को छोड़कर घाटी के दूसरे हिस्सों में कर्फ्यू हटाने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन धारा-144 के तहत लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने पर पाबंदी जारी रहेगी।

हिंसा में अब तक 70 लोगों की जा चुकी है जान
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में अब तक करीब 70 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 11,000 से अधिक जख्मी हुए हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कश्मीर समस्या का जिक्र करते हुए इसके समाधान के लिए एकता और ममता को मूल मंत्र बताया. पीएम मोदी ने साथ ही बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों के बारे में कहा कि एक न एक दिन उन लोगों को ‘इन बेकसूर’ बच्चों को जवाब देना ही होगा।

प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में अब तक करीब 70 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 11,000 से अधिक जख्मी हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों में अब तक करीब 70 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि 11,000 से अधिक जख्मी हुए हैं।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कर सकता है दौरा
कश्मीर में पिछले एक माह से भी ज्यादा दिनों से जारी हिंसा को खत्म करने और राज्य में शांति बहाल करने के लिए केंद्र गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में तीन सितंबर को ऑल पार्टी डेलिगेशन भेज सकता है। इस पर सरकार ने एक कदम आगे बढ़ा दिया है। जानकारी के मुताबिक गृहमंत्री राजनाथ सिंह खुद इस ऑल पार्टी डेलिगेशन का नेतृत्व कर सकते हैं। इसका रोडमैप कल भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद तैयार कर लिया गया है। गौरतलब है कि कल ही राजनाथ सिंह ने जहां कश्मीर घाटी की सुरक्षा और वहां पर चल रहे कामों की समीक्षा की थी।
सरकार ने इस प्रतिनिधिदल के लिए कुछ नामों को भी चुन लिया है। सितंबर में कश्मीर जाने वाले इस प्रतिनिधि मंडल से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। राजनाथ सिंह इससे पहले दो बार कश्मीर घाटी जा चुके हैं और कश्मीर में हिंसा को कम करने के लिए राजनीतिक पार्टियों के लोगों से मुलाकात कर चुके हैं। मीटिंग के दौरान गृहमंत्री ने कहा था कि जो लोग इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत पर विश्वास करते हैं, उनके लिए सारे दरवाजे खुले हुए हैं, सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार है। कल मन की बात के दौरान भी पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में फैली हिंसा पर चिंता व्यक्त की थी। इस मुद्दे पर खुद राज्य की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने भी पीएम से मुलाकात की थी।